
मुंबई का एक 5 स्टार होटल, दरवाज़े पर 3 दिनों से “do not disturb” का टैग लटका है। होटल के लिए ये एक बहुत आम बात है। लेकिन खास है जो उस कमरे के अंदर था। वो पूरा सूट बुक था। आदित्य रायज़ादा उर्फ “आदि” के नाम से।
आदित्य रायज़ादा एक बहुत ही बड़े खानदान का चिराग था। उसके पिता जगजीवन लाल रायज़ादा एक बहुत बड़े बिजनेसमैन, समाज सेवक और पॉलिटिकल पर्सन थे। पूरे परिवार में तीसरी पीढ़ी का सबसे बड़ा बेटा था आदित्य रायज़ादा।
आदि 26 साल एक casanova, एक play boy था। जिसकी जिंदगी में खूबसूरत ल़डकियों की कोई कमी नहीं थी। जिसके लिए किसी लड़की को अपने बेड में लाना फिर अपनी जिंदगी से निकाल देना पलक झपका लेने जितना आसान था।
सुबह के 9 बज गए हैं। उस होटल रूम के बड़े से बेड में आदि एक सफेद duvet के अंदर में लेटा है। उसकी ऊपर की पूरी बॉडी खुली हुई है जो कि परफेक्ट शेप में थीं। उसकी दूध जैसी सफेद पीठ पर बहुत सारे लव मार्क और साथ ही नाखून के निशान थे।
आदि के हाथों में बड़ा सा टैटू बना हुआ था और आदि का टैटू वाला हाथ duvet के अंदर एक लड़की की कमर से लिपटा था जो उसी duvet के अंदर थी। लड़की की उम्र करीब 20 से 21 साल थी। जो काफी बोल्ड दिख रही थी। उसके रेशमी बाल रात गुजर जाने के बाद भी जरा सा भी नहीं उलझे थे।
साइड टेबल में रखे फोन में मैसेज आने की आवाज़ होती है और वो लड़की हाथ निकल कर फोन duvet के अंदर कर लेती हैं और मैसेज पढ़ कर जल्दी से उठ कर बैठ जाती है।
मैसेज पढ़ कर लड़की अपने बालों को अपने दोनों हाथो से पीछे करते हुए अपना सर पकड लेती है और कुछ देर आंखे बंद किए हुये बैठी रहती है। थोड़ा रुक कर फिर जल्दी से बाथरूम की तरफ भागती है।
बाथरूम से फ़्रेश हो कर और अपने कपड़े पहन कर वो चुपके से उस होटल सूट से निकलती है और बिना किसी से कुछ कहे उस होटल से चली जाती है।
तकरीबन 1 घंटे बाद आदि नींद से जागता है और देखता हैं की वो बेड में अकेला था और उसके साथ बेड में जो लड़की थी वो नहीं थी। आदि के चेहरे में हैरानी और नज़रों में बेताबी थी।
वो उठ कर जल्दी से बाथरूम में देखता है जो खाली था। आदि तुरंत वापस बेड पर आ कर होटल reseption को कॉल करता है और बोलता है- ‘’मेरे रूम में जो लड़की थी वो अभी कहाँ है?’’
होटल reseptionist बोलती है – ‘’सॉरी सर, exactly तो नहीं बता सकते क्योंकि हमें इन्फॉर्मेशन नहीं दी गई है जाने के पहले।‘’
आदि अब काफी गुस्से मे था, पिछ्ले 3 दिनों से वो इस कमरे मे उस लड़की के साथ था और उसे सिर्फ इतना पता था कि उस लड़की का नाम विक्की है। ऐसा नहीं था कि वो उसकी तरफ से बेपरवाह था, लेकिन उसे ना मौका मिला ना ही जरूरत महसूस हुई थी।
आदि bedsheet को मुट्ठी में कस कर पकड़ लेता है और गुस्से से बोलता है- ‘’इतना बेपरवाह कैसे हो सकता हूँ मैं, ना नंबर लिया ना पूरा नाम ही पूछ पाया, कौन थी वो यार?’’
और ऐसा सोचते हुए वो जल्दी से कॉल करता है और गंभीर और रौबदार आवाज मे बोलता है- ‘’जीत, एक काम करना है तुम्हें, किसी का पता लगाना है, और वो विक्की की डिटेल्स बताने लगता है।‘’
नीचे resception मे वो एक बार फिर जा कर विक्की के बारे में पूछता है लेकिन उसे कोई ख़ास जानकारी नहीं मिलती है और वो होटल से निकल जाता है।
आदि की गहरे काले रंग की फरारी कार एक बड़े से विला में एंटर करती है जिसकी बाहर ग्लो शाइन बोर्ड लगा हुआ था जिसमें डायमंड से लिखा हुआ था “आशीर्वाद विला”।
विला के अंदर आ कर आदि सीधे हॉल के दुसरी तरफ पूजा घर में जाता है जहाँ उसकी दादी दमयन्ती देवी और चाची कल्पना पूजा कर रहे थे। आदि दोनों के पैर छु कर दमयन्ती जी के गले लग जाता है।
दमयन्ती उसके कान मरोड़ कर बोलती है- ‘’आ गया मेरा किशन कन्हैया अब काम से कम आज का पूरा दिन मेरे पास रुक जा मेरे लल्ला, कितनी बातें करनी है।‘’
आदि बोलता है- ‘’जरूर my love, लेकिन आज नहीं बहुत काम है।‘’
और आदि वहाँ से भाग कर रसोई में जाता है जहा आदि की mom वसुंधरा रायज़ादा कुक से लंच रेडी करवा रही थीं, आदि पीछे से उनको hug कर लेता है और वसुंधरा जी मुस्करा कर बोलती हैं, ‘’मेरा सोना बेटा आ गया, आ गई माँ की याद।‘’
आदि बोलता है- ‘’भूला कब था माँ, बस बिजी था।‘’
वसुंधरा जी के चेहरे में मुस्कराहट आ जाती है। वो बोलती हैं- ‘’आदि आज तुम कहीं नहीं जाओगे ,और ये मेरा ऑर्डर है।‘’
आदि थोड़ा नखरे करके फिर आखिर में बोलता है- ‘’ओके माँ आज का दिन आप सब के नाम।‘’ और भाग कर अपने रूम में चला जाता है जो फर्स्ट फ्लोर में था। रूम में जा कर वो तुरंत जीत को कॉल करता है, जीत उसका पर्सनल असिस्टेंट था।
जीत कॉल उठाता है और बोलता है- ‘’बॉस विक्की नाम की कोई लड़की बार या होटल में नहीं आई थीं, लगता है आप जिसके साथ थे मानो वो हवा में गायब हो गई, क्योंकि होटल से भी उसे किसी ने जाते नहीं देखा है।‘’ आदि गुस्से मे फोन काट देता है और अपने बेड मे गिर जाता है। उसे याद आने लगता है आज से 3 दिन पहले की शाम।
होटल के डिस्को मे आदि अपने कुछ दोस्तो के साथ था। वो कल ही लंदन से अपनी बिजनेस ट्रिप पूरी करके वापस आया था। तभी उसकी नजर फ्लोर मे डांस कर रही एक लड़की पर पड़ती है जो अकेले थी।
उस लड़की ने लाल रंग की शॉर्ट स्कर्ट के ऊपर काला शॉर्ट टॉप पहना था और उस पर लाल जैकेट। उसके लंबे रेशमी बाल कमर तक झूल रहे थे। स्कर्ट के ऊपर उसकी पतली कमर चमक रही थीं और उसके नाभि में डायमंड कि रिंग रह रह कर अपनी चमक बिखेर रहीं थीं वो अपने मे ही मगन हो कर नाच रही थीं लेकिन उसके मूव इतने परफेक्ट थे कि हर किसी का ध्यान उसके ही डांस पर था।
और तभी आदि उठ कर उसके पास जाता है और झटके से उसे खिंच कर अपने पास ले आता है, और उसकी चेहरा देखने लगता है।
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